हमारा शरीर पांच तत्व से बना है,जल तत्व, अग्नि तत्व, वायु तत्व, पृथ्वी तत्व एवं आकाश तत्व जो हमारे शरीर को प्राकृतिक से संचालित है,
प्राकृतिक व्यक्ति को चिकित्सा के लिए रोग के निदान से पहले उसकी प्रकिति की जाँच का सन्देश देता है, जैसे - किसी व्यक्ति के अंदर संक्रमण प्रवेश करता है, तो प्राकृतिक रूप से उस मनुष्य को ज्वर या बुखार उत्पन्न होता है, यह एक प्राकृतिक सन्देश है कि हमारे अंदर कोई संक्रमण पनफ रहा है इसका हमें जाँच करा कर निदान करना चाहिए, ऐसे देखा जाए तो बुखार हमारा प्राकृतिक सन्देश मित्र है, जो हमें किसी समस्या में पड़ने का सन्देश देता है, यह एक ईश्वरत गुण या प्राकृतिक गुण माना जाता है,
डॉ० राजीव कुमार (अध्यक्ष - अमृत प्राकृतिक चिकित्सा )
प्राकृतिक व्यक्ति को चिकित्सा के लिए रोग के निदान से पहले उसकी प्रकिति की जाँच का सन्देश देता है, जैसे - किसी व्यक्ति के अंदर संक्रमण प्रवेश करता है, तो प्राकृतिक रूप से उस मनुष्य को ज्वर या बुखार उत्पन्न होता है, यह एक प्राकृतिक सन्देश है कि हमारे अंदर कोई संक्रमण पनफ रहा है इसका हमें जाँच करा कर निदान करना चाहिए, ऐसे देखा जाए तो बुखार हमारा प्राकृतिक सन्देश मित्र है, जो हमें किसी समस्या में पड़ने का सन्देश देता है, यह एक ईश्वरत गुण या प्राकृतिक गुण माना जाता है,
डॉ० राजीव कुमार (अध्यक्ष - अमृत प्राकृतिक चिकित्सा )
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